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ओरिएंटेशन कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को दी कॉलेज पाठ्यचार्य की जानकारी
अम्बिकापुर। Education News: स्कूलों में बंदिशें होती हैं, कॉलेज उन्मुक्त आकाश है। यहां जीवन के भविष्य को गढ़ा जाता है। यह बातें मंगलवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक के विद्यार्थियों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि जयंत थोरात (पुर्व डीआईजी पुलिस) ने कही। उन्होंने कॉलेज जीवन में समय प्रबंधन और अनुशासन का सबसे अधिक महत्व होता है। उन्होंने अभिभावकों का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के चयनित विषय, कॅरिअर, अभिरूचियों को मौका दें। उन्हें अच्छा संस्कार दीजिये जो अगली पीढ़ी को स्थानांतरित होगा। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि दिन में एक बार अवश्य माता-पिता के साथ भोजन ग्रहण करें, जिससे सीधी बात हो सके।
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म्यूजिकल जर्नी है कॉलेज जीवन

इससे पहले शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले के साथ अतिथियों ने मां सरस्वती और श्री साईं नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों, अभिभावकों का स्वागत बैच लगा कर तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री शिरडी शिक्षण साई समिति के सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि कॉलेज जीवन म्यूजिकल जर्नी है, इसमें शिक्षा के साथ मनोरंजन की सभी विधायें मिलेंगी। सभी प्राध्यापक ज्ञान का एक पैकेज हैं जो आपका इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के प्राध्यापकों से सीखें और समाज को गौरवान्वित करें।
राष्ट्र प्रथम का आह्वान
अभिभावकों का स्वागत करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि 15 अगस्त 2003 से स्थापित आपका महाविद्यालय उच्च शिक्षा का श्रेष्ठतम विकल्प है। उन्होंने शिक्षा, संस्कार नैतिक मूल्य के साथ राष्ट्र प्रथम के लिए युवाओं को आह्वान किया। उन्होंने महाविद्यालय की उपलब्धियां, पाठ्यक्रम, विश्वविद्यालय की वरियता सूची में स्थान गौरवपूर्ण ढंग से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि एनईपी के आनर्स कोर्स के साथ एडऑन कोर्स महाविद्यालय में संचालित है जिसमें कॅरिअर निर्माण किया जा सकता है।
14 विषयों में स्नातकोत्तर और 12 विषयों में शोध महाविद्यालय की पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गठित कमेटी, क्लब के बारे में बताया। बेस्ट स्टूडेंट, बेस्ट एनएसएस, बेस्ट स्पोर्ट परसन, बेस्ट रेडक्रॉस बनने के लिए आह्वान किया। रिसर्च जोन, वार्षिक पत्रिका सृजन और पाक्षिक अखबार सृजन दर्पण विद्यार्थियों को शोध एवं साहित्य को मंच देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन का आह्वान किया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमारा लक्ष्य

अभिभावकों को बधाई देते हुए कला एवं मानविकी संकाय के अध्यक्ष डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि आपने अपने बच्चे के लिए इस महाविद्यालय का चयन किया है, उन उम्मीदों पर महाविद्यालय परिवार खरा उतरेगा। आपने श्रेष्ठता का प्रयास किया है तो हम विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करते हुए श्रेष्ठ नागरिक बनायेंगे। विज्ञान और आध्यात्म की प्रत्येक शिक्षा इस परिसर में मिलेगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविन्द तिवारी ने कहा कि अच्छी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि मोबाइल एडिक्शन से हम बचायेंगे और आपको सफलता की सीढ़ी यहीं से तैयार होगी। उन्होंने लाइफ साईंस के पाठ्यक्रम और शोध की गतिविधियों से अवगत कराया।
शिक्षक और विद्यार्थी के रिश्तों का जिक्र

फिजीकल साईंस फेकेल्टी के अध्यक्ष डॉ. शैलेष देवांगन ने कहा कि विज्ञान के विद्यार्थियों ने अन्वेषण, शोध की परम्परा रही है। इसमें आपकी भागीदारी भविष्य को सवांरेगी। डॉ. देवांगन ने एनईपी और शोध की बारीकियों से अवगत कराया।
कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि एनईपी के पाठ्यक्रम रोजगार परक हैं। कम्प्यूटर के विद्यार्थियों के लिए अवसर अधिक हैं। उन्होंने इंटर्नशिप और कम्पनियों से जोड़कर दिये जाने वाले प्रशिक्षण से अवगत कराया। शिक्षा संकाय के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य ने शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों सफलता से अवगत कराया। सीटेट, सीजीटेट में सफलता पाये विद्यार्थियों का स्मरण करते हुए शिक्षक और विद्यार्थी के रिश्तों को ताजा किया।
पुस्तक का विमोचन

इस अवसर पर अतिथियों ने डॉ. एलपी गुप्ता और डॉ. दिनेश शाक्य की पुस्तक एंटलेक्चुअल प्रापर्टी राइट्स तथा डॉ. शैलेष देवांगन की पुस्तक शोध प्रविधि (रिसर्च मेथडलॉजी) का विमोचन किया। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों के लिये ये तो सच है कि भगवान है… कि शानदार प्रस्तुति दी। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकार देवेन्द्र सोनवानी ने प्रेरक गीत प्रस्तुत किया। महाविद्यालय की छात्राओं ने गुरू की महत्ता पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि जयंत थोरात को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव, शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले, सचिव अजय इंगोले ने शाल-श्रीफल प्रदान का सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक पल्लवी द्विवेदी तथा देवेन्द्र सोनवानी ने किया तथा डॉ. अलका पांडेय ने आभार प्रकट किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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